निपाह वायरस क्या है ? इससे जुड़े हर सवालों के जवाब :: क्या करना चाहिए क्या नहीं करना चाहिए

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क्या यह पहली बार निपाह वायरस का मामला सामने आया हैं ?

नहीं इसके पहले भी निपाह वायरस के प्रकोप कई मामले सामने आ चुके हैं. भारत, बांग्लादेश, थाईलैंड, कंबोडिया, फिलीपिन्स, मलेशिया से ऐसे कई मामले सामने आ चुके हैं. 1998 में मलेशिया के कांपुंग सुंगई निपाह गांव के लोग पहली बार इस संक्रमण से पीड़ित हुए थे. इसलिए इसका नाम निपाह वायरस पड़ा. संक्रमित होने वाले ग्रामीण सुअर पालते थे. उसके बाद 2004 में बांग्लादेश में आया था.

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छह में से पांच मौतों की पुष्टि

केरल में छह में से पांच मौतों की पुष्टि हो चुकी है कि यह निपाह वायरस की वजह से हुए हैं. करीब 25 ऐसे मामले सामने आ चुके हैं, जिन्हें वायरस से पीड़ित होने की आशंका जताई जा रही थी. इलाज के दौरान तीन नर्सें भी इंफेक्शन की शिकार हो गई हैं. उन सभी को अस्पताल में भर्ती कराया गया है और उन पर नजर रखी जा रही है.

कैसे फैलता है संक्रमण ?

यह  संक्रमण चमगादड़ और सुअर से फैलता है। फल और सब्जी खाने वाले चमगादड़ और सुअर के जरिये निपाह वायरस तेजी से फैलता है। इसका संक्रमण जानवरों और इंसानों में एक दूसरे के बीच तेजी से फैलता है.

 

निपाह वायरस से जुड़े बीमारी के लक्षण क्या?

-ये वायरस 3 से 14 दिन तक तेज बुखार और सिरदर्द की वजह बन सकता है.

-इन्फेक्शन के शुरुआती दौर में- धुंधला दिखना, तेज बुखार, सांस में तकलीफ, चक्कर आना.

-24-48 घंटों में मरीज कोमा में पहुंच सकता है.

-ज्यादातर मरीजों में न्यूरोलॉजिकल दिक्कतें भी हो सकती हैं.

-सिरदर्द, दिमाग में सूजन, मांसपेशियों में दर्द होता है.

 

ऐसे करें बचाव

जहां चमगादड़ अधिक रहते हों वहां खजूर खाने से परहेज करें.

-पेड़ से गिरे हुए फल न खाएं.

-उस व्यक्ति के नजदीक न जायें, जो इस वायरस से संक्रमित हो.

-जानवरों के खाए जाने के निशान हों तो सब्जियां न खरीदें.

-अगर आपको तेज बुखार हो, तो अस्पताल जायें.

 

केरल से आने वाले फल ना खाये

चिकित्सकों का कहना है केरल से जो केले आ रहे हैं, उनको खाने से बचें. अगर खाना ही है तो अच्छे से धोकर खाएं. क्योंकि, उत्तर भारत में ज्यादातर केले, केरल से आते हैं. ऐसे में इन्हें खाना सेहत के लिए सही नहीं है.