करुणानिधि को दफनाने को लेकर विवाद – तमिलनाडु सरकार के वकील ने कहा- DMK राजनीति कर रही है

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controversy of karunanidhi – डीएमके चीफ एम करुणानिधि की समाधि को लेकर खड़े हुए विवाद को लेकर मद्रास हाईकोर्ट में सुनवाई जारी है। मद्रास हाईकोर्ट पर करुणानिधि की समाधि बनेगी या नहीं. इस पर थोड़ी देर में फैसला आएगा।मद्रास हाईकोर्ट ने ट्रैफिक रामास्वामी, के बालू और दुरईस्‍वामी की याचिका को खारिज कर दिया। इन सभी ने मरीना बीच पर करुणानिधि के समाधि स्थलका विरोध किया था।

हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ता ट्रैफिक रामास्वामी के वकील को निर्देश देते हुए कहा कि वो ज्ञापन सौंप कर बताएं कि उन्हें करुणानिधि को मरीना बीच पर दफनाने में कोई आपत्ति नहीं है। जिसके बाद वकील ने कार्यकारी मुख्य न्यायाधीश के सामने ज्ञापन सौंपा। वहीं समाधि स्थल के लिए जगह देने के खिलाफ याचिका दायर करने वाले याचिकाकर्ता ट्रैफिक रामास्वामी के वकील ने कहा कि हमें उनके शरीर को दफनाने के लिए जगह दने पर कोई आपत्ति नहीं है। जिसके बाद कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश ने कहा, ‘आप अपना केस वापस ले लीजिए।’

controversy of karunanidhi
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2016 में जयललिता के निधन के बाद उनका अंतिम संस्कार भी मरीना बीच पर ही किया गया. हालांकि वॉटर फ्रंट से 500 मीटर के दायरे में किसी निर्माण की रोक थी. ऐसे में जयललिता का अंतिम संस्कार उनके गुरु रहे एमजी रामचंद्रन के मेमोरियल में ही हुआ. जो पहले से ही वहां था.

इस मामले पर सुनवाई के दौरान मद्रास हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से पूछा कि क्या वो इसके लिए तैयार थे? कोर्ट ने यह भी कहा कि इस मामले में एक-एक मिनट की देरी से राज्य सरकार के लिए मुश्किलें पैदा हो सकती हैं. आपको बता दें कि तमिलनाडु सरकार द्वारा करुणानिधि को मरीना बीच पर दफनाने के लिए जगह देने से इनकार करने के बाद से ही उनके प्रशंसक और पार्टी कार्यकर्ताओं में रोष है.

करुणानिधि के निधन के बाद राष्ट्रपति, पीएम समेत तमाम बड़े नेताओं ने शोक प्रकट किया. राष्ट्रपति रामनाथ कोविन्द ने ट्वीट किया श्री एम करुणानिधि के बारे में सुनकर दुख हुआ. कलइनार के नाम से लोकप्रिय वह एक सुदृढ़ विरासत छोड़ कर जा रहे हैं जिसकी बराबरी सार्वजनिक जीवन में कम मिलती है. दूसरी तरफ, पीएम अंतिम संस्कार में भाग लेने तमिलनाडु भी जाएंगे.

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